परिचय

01 फरवरी 1934 को जन्में श्री नर्मदा प्रसाद मालवीय म.प्र. के शिक्षा विभाग से सेवानिवृत्त हुए हैं। अध्ययन और लेखन में आपकी अभिरुचि है। आपने हिन्दी साहित्य की कविता, कहानी, लेख, समीक्षा एवं हाइकु विधाओं में अपनी लेखनी चलाई है। विभिन्न पत्र–पत्रिकाओं में आपकी रचनाओं का प्रकाशन होता रहता है। स्थानीय साहित्यिक कार्यक्रमों में आपकी सक्रिय सहभागिता रहती है।
प्रकाशित कविता संग्रह-
0 जो दिल खोजा आपना
0 अँधरों को आँखें मिलीं
सम्पर्क सूत्र-
शिव कालोनी
आई. टी. आई. रोड होशंगाबाद म.प्र.
दूरभाष— 0774- 257322

2 Comments:
काका जी ,
स्वागत और अभिनन्दन ! हिन्दी चिट्ठा-जगत मे आपका पदार्पण युवा और नवयुवा पीढी को और अधिक प्रेरणा देगी और उत्साह-सम्पन्न बनायेगी ।
अनुनाद
Nobody is similar to you,
you have the charm of life,
you are on the focus of the millions,
your themes of poem always sharpen from the knife.
'shat shat abhinandan'
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